Composed by Dr.A.K.Anand- Sung by Arpana Family

राम राम मेरे राम राम

राम राम मेरे राम राम हे,

राम राम बस तुम ही हो।

राम राम तुझे क्या रे कहूँ,

मेरे सब कुछ प्रभुजी तुम ही हो॥

तोसे ज्ञान न माँगूँ नाम न माँगूँ,

एको माँगूँ राम मेरा।

और तो कुछ भी न माँगूँ,

तोसों एको दे दे राम मेरा॥

अब नयन मिला और सामने आ,

येही इक मेरी चाहना है।

तुझ को मिलने का हे राम मेरे,

यह ही एक बहाना है॥

तेरे दर्शन पाकर राम मेरे,

मैं कृत्सन्कृत् हो जाऊँगी।

इक पल में हे राम मेरे,

मैं कृत् कृत् हो ही जाऊँगी॥

(अर्पणा प्रार्थना शास्त्र 2, न. 374 – 21.5.1960)

Ram Ram! My Ram Ram,

Ram Ram! My Ram Ram,

O Ram Ram only You, only Thee!

Ram Ram, what can I say,

You my Lord, are everything for me!

I seek not knowledge, not even Thy Name

I yearn for Thee and seek only Thee.

I ask for nothing else O Lord,

‘Cept give Thyself to me!

Keep Thy gaze on me, O come before me!

This is my foremost desire….

To meet with Thee my Ram, my Liege,

Is my sole yearning, O Sire.

When I obtain a glimpse of Thee Lord,

In gratitude I shall be immersed truly.

In just one moment O Ram, my Lord,

Gratitude shall permeate me.

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