Composed by Dr.A.K.Anand- Sung by Arpana Family

मेरी जीवन नैया थाम लो

मेरी जीवन नैया थाम लो, कौन राह दिखा जा रे।

मेरे मन की जानो नन्दलाला, अब राह दिखा जा रे।।

पिया मेरे मैं तोसे कहूँ, मेरा राम मिला जा रे।

तोहे ढूँढूँ तो ढूँढूँ मैं कहाँ, मुझे अपनी ठौर बता जा रे।

कब से तड़पूँ मिलने को, अब अपना पता बता जा रे।।

थक गये हैं कदम मेरे अब तो,

तू ही पास बुला जा रे।

मैं जाऊँ चैना पाऊँ कहाँ,

अब कुछ तो आ के बता जा रे।।

अब ‘मैं’ की रचना भूल करी,

तुझमें ही मैं समा जाऊँ।

तुम ही कहो हे राम मेरे,

मैं किस विध तुम तक आ जाऊँ।।

(अर्पणा प्रार्थना शास्त्र 2, न. 365 – 30.4.1960)

Navigate my boat

Pray, control and navigate the boat of my life

and show me the way…

O Nand lala, You know my mind

now please show me the way…

O Beloved I ask Thee, unite me to my Lord.

Where should I seek Thee

I am yearning to meet Thee…

Pray tell me Thy abode.

My feet are tired now

Pray call me to Thee

Where should I go and find peace

Pray come and tell me.

Let me forget the creation of the ‘I’

So that I may merge in Thee

How shall I come to Thee

O Lord, pray tell me.

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